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Chief Justice of India 2022: 49 वें CJI UU Lalit एक कमाल के क्रिमिनल लॉ स्पेशलिस्ट

दोस्तों, आज के समय में न्याय मिलना बहुत मुश्किल होता जा रहा है, अगर हम भारत देश की बात करें तो भारत के पूर्व Chief Justice NV Ramana ( जस्टिस एनवी रमना ) कल रिटायर हो चुके है, इनकी जगह पर 49 वें चीफ जस्टिस उदय उमेश ललित ने जगह ली है।

विस्तार- भारत देश के चीफ जस्टिस एनवी रमना कल (26 अगस्त) रिटायर हो चुके है और इनकी जगह उदय उमेश ललित (Uday Umesh Lalit) ने ली है और ये भारत के 49 वें चीफ जस्टिस बन चुके है। आपको बता दे की आज उदय उमेश ललित ने राष्ट्रपति भवन जाकर द्रोपदी मुर्मू के द्वारा शपथ ली है और गोपनीयता की शर्तो के बारे में जाना है।

उदय उमेश ललित (Uday Umesh Lalit) ने बताए अपने 3 प्राथमिक कार्य

जैसा की मेने आपको बताया है की शुक्रवार को हुए एनवी रमना (NV Ramana) की विदाई हुई है जिसमे उदय उमेश ललित ने विदाई समारोह में यह बताया है की वह तीन कार्य को करने की इच्छा रखते है। आपको बता दे की यूयू ललित ने बताया है की वह अपने कार्यकाल में सविधान पीठ साल भर काम करें इस पर कड़ी मेहनत करेंगे, यूयू ललित ने यह भी कहा है की वह सुनवाई के लिए सभी मामलों को सूचीबद्ध कराएंगे और सभी जरूरी मामलो को भी मेंशन कराएंगे यही उदय उमेश ललित की प्राथमिकता रहेगी।

वकील से सीधे सुप्रीम कोर्ट के जज

UU Lalit को सभी इनके सौम्य स्वभाव से पहचानते है, यह दूसरे ऐसे व्यक्ति है जो की वकील से सीधे सुप्रीम कोर्ट के जज बने ये हाई कोर्ट के जज कभी नही रहे है और इससे पहले 13 वें न्यायाधीश 1971 में बने सीकर ने ऐसा कर दिखाया था।

पिता जी थे बॉम्बे हाई कोर्ट के जज | Chief Justice of India

आपको बता दे की यूयू ललित(UU Lalit) को न्याय और कानून की सिख अपनी विरासत में मिली है, ऐसा इसीलिए क्योंकि इनके बाबा यानी के रंगनाथ ललित एक बहुत प्रसिद्ध वकील थे, इनके पिता जी आरयू ललित अपनी पिता से एक कदम आगे रहे और बॉम्बे के जज रहे और फिर उदय उमेश ललित एक वकील रहे फिर सुप्रीम कोर्ट के जज बने और फिर आज मुख्य न्यायाधीश के पद पर विराजमान है।

तीन तलाक का कानून किया रद्द

आपको बता दे की जब से यह सुप्रीम कोर्ट के जज बने है तब से UU Lalit (Chief Justice of India) ने कई बड़े फैसलों जैसे की तीन तलाक के कानून में हिस्सा लिया है। आपको बता दे की जब तीन तलाक के कानून को 22 अगस्त 2017 में असंवैधानिक करार दिया गया था तो जो 5 जज बेंच में बैठे थे उनमें से यह भी एक थे।

इन्होंने तीन तलाक का विरोध करते हुए यह कहा था की पुरुषों का एक साथ तीन तलाक बोलने का हक महिलाओं को नीचे गिराता है और यह महिलाओं के मौलिक अधिकारों के खिलाफ है।

विजय माल्या को दी सजा

विजय माल्या (Vijay Mallya) का नाम तो सभी ने सुना होगा, इसको सजा देने के लिए यूयू ललित ने अपना न्याय दिया और इसको 4 महीने की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने माल्या पर जुर्माना लगाया था और फिर यह जुर्माना न चुकाने पर 2 महीने की अतिरिक्त सजा दी जाएगी यह भी नियुक्त किया।

SC/ST act पर दिया फैसला

आपको यह तो पता होगा की अनुसूचित जन जाति के उत्पीड़न में तुरंत गिरफ्तारी की जाती थी किंतु इसके विरुद्ध UU Lalit ने फैसला दिया। कोर्ट ने यह नियम बनाया है की अगर ऐसा कोई भी मामला आएगा तब सबसे पहले उसकी जांच होगी उसके बाद ही इसका मामला दर्ज किया जायेगा।

अयोध्या मामले से हो गए थे बहाल

10 जनवरी 2019 में अयोध्या मामले में जो 5 जज बेंच में बैठे थे उनमें से यह भी एक थे और फिर यूयू ललित (UU Lalit) ने अपने आप को इस मामले से अलग कर लिया था। उन्होंने यह बताया था की लगभग दो दशक पहले वह अयोध्या मामले में जुड़े उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के लिए वकील रह चुके है।

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