Ganesh Chaturthi
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Ganesh Chaturthi 2022: जाने शुभ समय, विधि और महत्व

दोस्तों, आपको बता दे की गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi)आने वाली है जिसका सभी भक्तो को बेशब्री से इंतजार रहता है। यह त्यौहार 10 दिनो तक मनाया जाता है जिसमें सभी भक्त इनकी पूजा पाठ करते है और सभी खूब आनंद से नाचते गाते है।

हिंदू धर्म में ऐसा माना जाता है की कोई भी मांगलिक या शुभ कार्य करने से पहले गणेश जी की पूजा जरूर करनी चाहिए इसके पीछे की वजह यही है की हिंदू धर्म में यह माना जाता है की गणेश जी की पूजा यदि हम सबसे पहले करते है तो उसके बाद के सभी मांगलिक या शुभ कार्य सफलता पूर्वक होते है और किसी भी कार्य में कोई बाधा नहीं आती है।

गणेश चतुर्थी क्या है?

आपको अगर नहीं पता है कि गणेश चतुर्थी क्या होता है? तब मैं आपको बता दूं कि गणेश चतुर्थी(Ganesh Chaturthi) को विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है | गणेश चतुर्थी के दिन सभी भक्त गणेश जी की पूजा करते हैं और सारे भक्त इनकी भक्ति में लीन रहते हैं |

यहां तक की सभी भक्तों और सारी गली मोहल्ले शहर के लोग इनकी आराधना करते हैं और पूजा करते हैं और खूब नाचते गाते हैं इसके बाद गणेश जी की सुबह और शाम को आरती होती है और फिर मोदक का भोग लगाया जाता है क्योंकि गणेश जी के मोदक के लड्डू बहुत पसंद है | इसीलिए गणेश चतुर्थी के दिन मोदक भोग लगाए जाते हैं इसके बाद 10 दिनों तक यह त्योहार ऐसे ही चलता रहता है और सभी भक्तों नाचते गाते रहते हैं।

गणेश चतुर्थी कब है ?

हिंदी पंचांग के मुताबिक भाद्रपद मास यानि भादो मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि में मनाया जाता है। इस बार गणेश चतुर्थी 31 अगस्त को मनाया जायेगा। रीति रिवाज के अनुसार गणेश चतुर्थी से ही गणेश महोत्सव की शुरुवात हो जाती है।

सबसे पहले दिन यानी की गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) को गणेश जी की स्थापना घर पर की जाती है और फिर 10 दिन बाद यानी की अनंत चतुर्दशी को गणपति विसर्जन होता है। यानी की अबकी बार 9 सितंबर को अनंत चतुर्दशी है जिस दिन गणेश जी को विसर्जित किया जायेगा।

गणेश चतुर्थी क्यों मनाते है ? | Why we celebrate Ganesh Chaturthi?

दोस्तों कई सारे लोगों का प्रश्न होता है कि गणेश चतुर्थी क्यों मनाया जाता है? तो मैं आपको बता दूं कि हिंदू धर्म की पौराणिक कथाओं में यह बात छुपी हुई है कि माता पार्वती के पुत्र गणेश जी का जन्म गणेश चतुर्थी को हुआ था जिस वजह से ही गणेश चतुर्थी मनाई जाती है किंतु आपको बता दें कि इसके पीछे की एक और वजह भी है।

आपको यह तो पता ही होगा कि वेदव्यास जी ने महाभारत की रचना के लिए गणेश जी से आग्रह किया था | आपको बता दें कि गणेश चतुर्थी के दिन ही वेदव्यास जी ने गणेश जी से महाभारत की रचना कराना आरंभ किया था और फिर 10 दिनों तक गणेश जी ने बिना रुके महाभारत की रचना की थी और फिर 10 दिनों तक गणेश जी के शरीर पर धूल मिट्टी जम गई थी, जिसकी वजह से गणेश जी ने सरस्वती नदी में स्नान किया था।

 इसी वजह से गणेश जी की चतुर्थी मनाई जाती है और 10 दिनों बाद गणेश चतुर्दशी को गणेश जी को विसर्जित किया जाता है।

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गणेश चतुर्थी पूजा विधि ? | Ganesh Chaturthi Pooja Vidhi

जैसा की पता होगा की हर कोई गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) मनाता ही है और फिर कुछ लोग गणेश चतुर्थी की पूजा गलत विधि से करते है जो की गलत है, इसीलिए मैं आपको गणेश चतुर्थी पूजा विधि के बारे में कुछ चरण बताता हूँ –

  • सर्वप्रथम आपको स्नान कर लेना और नए वस्त्र धारण कर लेने है।
  • अब आपको गणेश जी की चौकी को गंगा जल से पवित्र कर लेना है।
  • अब आपको चौकी पर लाल कपड़ा बिछा देना है।
  • अब अक्षत से पूजा करके गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर ले।
  • अब आपको गणेश जी का अभिषेक गंगा जल से करना है।
  • अब आपको गणेश जी पर दूर्वा, अक्षत, फूल, माला, तिलक का अभिषेक करना है।
  • अब आपको धूप या दिया जला कर रख दे।
  • अब गणेश जी के पसंदीदा मोदक का भोग लगाए।
  • अब आपको गणेश आरती करनी है।
  • अब आप भोग लगाए गए प्रसाद का वितरण कर सकते है।

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