Cyrus Mistry death
जानकारी लेटेस्ट

Cyrus Mistry Death News in Hindi: आखिर कौन है हत्यारा

दोस्तों, एक दुखद खबर सामने आई है, Cyrus Mistry जो की टाटा संस के पूर्व चेयरमैन थे उनकी एक रोड ऐक्सिडेंट में मौत हो गई है। आपको बता दे, की इनका यह एक्सीडेंट महाराष्ट्र के पालघर में हुआ है।

विस्तार – आपको बता दूं की Cyrus Mistry की मृत्यु हो चुकी है और यह जिस गाड़ी में जा रहे थे उस गाड़ी में चार लोगो बैठे थे, जिसमे से दो लोगो की मृत्यु हो गई जिनमे Cyrus Mistry भी शामिल है और दो लोग अभी भी गंभीर अवस्था में है। इस दुखद खबर की वजह से पूरे उद्योग जगत में शोक चल रहा है और इनका पोस्टमार्टम होने के बाद इसका शव इनके घर वालो को सौप दिया गया है।

Cyrus Mistry accident

आपको बता दे की इनके कुछ खास रिश्तेदार भारत के बाहर रहते है और अब वह भारत में आ रहे है जिसमे उनको कुछ समय लग रहा है इसी वजह से इनका देहावसान सोमवार की जगह मंगलवार को पूरा होगा।

पारसी समुदाय का ये हैरान करने वाला अंतिम संस्कार | Cyrus Mistry Funeral

आपको बता दे की हजारों साल पहले ईरान के लोग भारत में आए थे जिनका अंतिम संस्कार करने का तरीका अन्य जाति और धर्मो के तरीके से बिल्कुल अलग है।पारसी लोग जब अंतिम संस्कार करते है तब शव को किसी कब्रिस्तान नही ले जाते न ही जलाते और दफनाते है।

बल्कि ये पारसी लोग शव को आसमान के सुपुर्द करते हुए ‘टावर ऑफ साइलेंस’ के ऊपर रख देते है जिसके बाद शव को गिद्ध और अन्य पक्षी खा जाते है। आपको बता दे की गिद्दो द्वारा शव खाना पारसी लोगो में एक रिवाज है। और दफनाने या जलाने के रिवाज को पारसी समुदाय में गंदा रिवाज माना जाता है।

क्या है ‘टावर ऑफ साइलेंस’ (Tower of License) ?

आपको बता दे की पारसी लोग हमेशा शव को ‘टावर ऑफ साइलेंसTower of License के ऊपर रखते है जिससे गिद्ध शव को खाए। ‘टावर ऑफ साइलेंस’ का दूसरा नाम दखमा भी है, ‘टावर ऑफ साइलेंस’ एक गोलाकार ढांचा होता है, जिसके ऊपर शव को सूरज की रोशनी में रखते है और फिर इस प्रकार से पारसी लोग अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करते है।

कम गिद्ध बने अंतिम संस्कार में रुकावट ?

जैसा की आपको पता होगा की भारत के देशवासी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए वातावरण को बहुत नुकसान पहुंचा रहे है और फिर गिद्दों की संख्या बिल्कुल न के बराबर हो गई है और बहुत मुश्किल से ही कभी आपको भी गिद्ध देखने को मिलते होंगे इसी वजह से पारसी लोग बहुत परेशान है क्योंकि कम गिद्दों की वजह से पारसी लोग अंतिम संस्कार नहीं कर पा रहे है।

पारसी लोगो ने बदला अपना रिवाज

जैसा की मेने आपको बता है की कम गिद्दों की वजह से पारसी लोग अपना अंतिम संस्कार का रिवाज नही मना पा रहे है जिसकी वजह से कई सारे पारसी लोग है जो की हिंदू रिवाज से अंतिम संस्कार मना रहे है।

एक खबर के जरिए यह पता चला है की कई सारे पारसी लोग शव को विद्युत शवदाग्रह में ही ले जाते है, जब कोई पारसी मारता है और उसके शव को ‘टावर ऑफ साइलेंस’ में रखा जाता है उसके 4 दिन तक उसकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है, जिसे अरंघ कहते है।

लेकिन जब कोई पारसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार मनाया जाता है और इसको हिंदू या अन्य धर्मों की तरह मानते है तब किसी प्रकार की प्रार्थना नही करते है क्योंकि वह इसकी टैबू समझते है।

अधिक पढ़े: Cuttputlli Movie Review

Leave a Reply

Your email address will not be published.