लेटेस्ट

Atal Bihari Vajpayee Punyatithi 2022: सभी ने दी श्रद्धांजलि

दोस्तों, इनका नाम आज के समय में हर कोई जानता ही है, इनके शासन के किस्से भी काफी मशहूर है। आज के दिन ही अटल बिहारी वाजपेई का अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान में 2018 को निधन हो गया था। किंतु आज भी सभी के चहीते हमारे दिल में है।

अटल बिहारी बाजपेई पुण्यतिथि: सदैव अटैल जो की अटल जी का स्मारक है वहां पर जाकर नरेंद्र मोदी जी, राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, और लोक सभा के अध्यक्ष ओम बिरला से श्रद्धांजलि दी।

इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पियूष गोयल, जनता पार्टी के अध्यक्ष जे पी नड्डा इन सभी ने अटल बिहारी वाजपेई को श्रृद्धांजलि दी।

आज के ही दिन 2018 में दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान में इनका एक लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया। आपको बता दे की इन्होंने 2015 को भारत रत्न को पाया था।

वाजपेई जी की हार पर हसीं | Atal Bihari Vajpayee Punyatithi 2022

Atal Bihari Vajpayee

अटल बिहारी वाजपेई के विषय में कई सारी रोचक बाते है जो की बहुत चर्चा का विषय है। एक किस्सा यह भी है की वह स्वयं की हार पर स्वयं हसने लगे थे। बात 1984 की है जब इनको भारतीय जनता पार्टी की तरफ से ग्वालियर में टिकट दी गई। इनके प्रत्यक्ष में कांग्रेस की ओर से माधवराज सिंधिया खड़े हुए थे। अटल बिहारी वाजपेई जी इसमें हार गए किंतु इनको जरा भी अफसोस नहीं रहा और वह हसने लगे।

अब आप भी सोच रहे होंगे की इनकी इस हसीं का कारण क्या है तब आपको बता दे, की अगर अटक बिहारी वाजपेई जी ग्वालियर से यह चुनाव नही लड़ते तब माधवराज सिंधिया और राजमाता का मुकाबला हो जाता है और अटल जी यह नही चाहते थे की मां-बेटे के लड़ाई सड़क पर आए। जिसके लिए ही वह अपनी हार पर हंसे थे।

इंदिरा गांधी को दुर्गा कहकर दुखी हुए थे अटल

एक समय में इंदिरा गांधी ने अटल बिहारी जी के साथ में अन्य नेताओं को जेल में डाल दिया था। किंतु ये सब होने के बाद भी अटल जी कहते थे की इंदिरा इतनी भी बुरी नही हैं। एक शाम अटल जी, एनसीपी के नेता दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी के साथ बातचीत कर रहे थे, अटल ने इस दौरान कहा की मुझे दुख है की मेने बांग्लादेश बनने के पश्चात इंदिरा को दुर्गा कहा और इंदिरा ने अपने पिता नेहरू से कुछ भी नहीं सीखा।

1975 के इस किस्से का जिक्र आपको इनकी जीवन गाथा हार नही मानूंगा में मिलता है। इस किताब के पेज नंबर 47 में यह लिखा है की मुझे दुख है की मेने इंदिरा को दुर्गा कहा।

यह भी पढ़े: बेस्ट विंडो एसी | खरीदे Best Window AC 2022

अटल ने आप की अदालत में अपनी बात का किया खंडन

जैसा की हर जगह यही चर्चित था की अटल जी ने इंदिरा गांधी को दुर्गा कहा है। वैसे ही इंडिया टीवी के एक शो आप की अदालत में इस बात का खण्डन किया था। इस बात को पूछते हुए रजत शर्मा ने सवाल किया की क्या आपने इंदिरा को दुर्गा कहा है तब उन्होंने यह कहा की मेने ऐसा कुछ नही किया यह सिर्फ खबरों और मीडिया की अफवाह है और इस बात का खंडन किया।

जिलाधिकारी के घर पैदल पहुंचे अटल बिहारी

उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर जिले में 1980 में घंटाघर में चल रही सभा में उनको कई सारे लोगो ने यह शिकायत की, कि चुनाव का परिणाम निष्पक्ष नहीं हो रहा है और इस शिकायत को जिला प्रशासन की ओर से भी नजरंदाज किया जा रहा है।

इस बात को सुनने के पश्चात ही अटल जी पैदल ही जिलाअधिकारी से मिलने के लिए निकल पड़े और देखते ही देखते उनके पीछे हजारों लोग निकल पड़े। यह भीड़ वासलीगंज, संकटमोचन, रामबाग से निकलते हुए जिलाधिकारी के कार्यालय पहुंचे और इनको देखकर प्रशासनिक अधिकारी चौक गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published.