कौन है जगदीप धनखड़
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कौन है जगदीप धनखड़ ? जिनको बीजेपी ने बनाया है उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार

यह तो आपको पता होगा की उपराष्ट्रपति के लिए काउंटडाउन शुरू हो चुका है। इस चुनाव में उम्मीदवार 19 तारीख तक अपने उम्मीदवार की सीट को रजिस्टर करा सकते है। बीजेपी की ओर से जगदीप धनखड़ उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार बने है। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा की आखिर जगदीप धनखड़ कौन है? आइए हम आपको अपने लेख की सहायता से इनके बारे में सभी विशेष जानकारी देते है।

उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार: बीजेपी पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार होने का ऐलान किया है। जगदीप धनखड़ पश्चिम बंगाल के राज्यपाल है, जो की अक्सर चर्चे का विषय रहते है।

आखिर कौन है जगदीप धनखड़ ?

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ का जन्म राजस्थान के झुंझुनूं में हुआ था। इनका जन्म एक सामान्य किसान परिवार में हुआ था और इनकी शुरुवाती शिक्षा भी चित्तौड़गढ़ के सैनिक स्कूल में पूरी हुई है। इन्होंने भौतिकी से स्नातक की शिक्षा पास करने के बाद राजस्थान के विवि से एलएलबी की शिक्षा प्राप्त की हैं।

जगदीप धनखड़ एक कमाल के वकील ?

जगदीप धनखड़ ने एलएलबी (LLB) पूरी करने के बाद वकालत करना शुरू किया और कुछ समय पश्चात ही यह देश के एक अग्रणी वकील में शुमार हो गए है। इन्होंने 1989 में राजनीति में प्रवेश किया और यह राजस्थान के झुंझुनूं में लोकसभा के सांसद चुने गए। इन्होंने 1990 में देश के संसदीय कार्य राज्यमंत्री के रूप में कार्य किया। यह 1993 में अजमेर जिला के किशनगढ़ से विधायक चुने गए। 2019 में इनको पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया।

ममता बनर्जी से रहता है मनमुटाव

ममता बनर्जी और जगदीप धनखड़

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और ममता बनर्जी दोनो के बीच मन मुटाव बना रहता है। ये दोनो ही जिम्मेदार है किंतु सोशल मीडिया और सार्वजनिक जगहों में भी ये दोनो एक दूसरे के फैसलों पर उंगली उठाते रहते है। अगर मैं कुछ दिनो पहले की ही बात करूं तो बीजेपी के खिलाफ जेहाद वाले बयान को लेकर दोनों में बहुत वाद विवाद हुआ।

बच्चो को दिया अनोखा संदेश

उदयपुर के प्रताप गौरव केंद्र में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसने जगदीप धनखड़ को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। जिससे वह बच्चो को कुछ अच्छा संदेश दे सके। इन्होंने अपने इस कार्यक्रम में बच्चों से कहा कि आप सभी को भारत के संविधान की प्रस्तावना अवश्य पढ़नी चाहिए ताकि आप सभी को राष्ट्रीयता का असली अर्थ समझ आए।

कांग्रेस से भी रहा जगदीप धनखड़ का नाता

धनखड़ 1990 में चंद्रशेखर के नेतृत्व वाली अल्पमत सरकार में केंद्रीय मंत्री बने। जिस समय पी.वी. नरसिंह राव प्रधानमंत्री के पद पर थे इस समय धनखड कांग्रेस में शामिल हो गए। इन्होंने अजमेर से कांग्रेस की ओर से लोकसभा का चुनाव लड़ा किंतु यह इस चुनाव में हार गए। इन्होंने इसी समय राजस्थान के किशनगढ़ के विधायक का पद संभाला। कुछ समय के बाद राजस्थान में अशोक गहलोत का प्रभाव बढ़ने लगा जिसकी वजह से ये बीजेपी में शामिल हो गए। इन्होंने जाट बिरादरी को ओबीसी का दर्जा दिलाने के लिए जाट आंदोलन में एक अहम भूमिका निभाई थी।

कैसा रहा इनका राजनीति का सफर ?

मैंने आपको बताया है की ये 1989 से राजनीति में शामिल हुए और उसके बाद से यह सांसद, विधायक, अध्यक्ष और राज्यपाल रहे जो की इनके लिए एक बहुत अच्छा कार्यकाल रहा है। इन्होंने जो भी कार्य किया उसमे इनको बहुत प्रशंसा  और जनता का प्यार भी मिला। राजनीति में कदम रखने से पहले यह जब वकालत करते थे तब भी इनकी वकालत पूरे देश में चर्चे का विषय रहती थी। आप इनके कार्यकाल को देखते हुए यह अंदाजा लगा सकते है की यह कितने जिम्मेदार व्यक्ति, बहुत अच्छे राजतीनिज्ञ और वकील है।

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